डॉ रागिनी गुप्ता, संपादक {हरिद्वार}
अप्रैल-26, 2026
पुलिस की छवि पर शनिवार को बदनुमा दाग लग गया। पल्लवपुरम थाने में तैनात दरोगा छत्रपाल सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। थाने की तीसरी मंजिल पर स्थित उसके कमरे में हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वर्दी पर लगे सितारों के बीच भ्रष्टाचार का यह चेहरा उजागर होते ही विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
थाने के कमरे में हुई कार्रवाई
एंटी करप्शन टीम ने शनिवार दोपहर पल्लवपुरम थाने की तीसरी मंजिल पर छापेमारी की। यहीं दरोगा छत्रपाल सिंह अपने कमरे में रिश्वत की रकम ले रहा था। टीम ने उसे 10 हजार रुपये के साथ मौके पर ही दबोच लिया।
2023 बैच का दरोगा गिरफ्तार दरोगा छत्रपाल सिंह वर्ष 2023 बैच का उपनिरीक्षक है। वह मूल रूप से बरेली जनपद के मीरगंज क्षेत्र के ग्राम लाभेड़ा दुर्गाप्रसाद का निवासी बताया गया है। कम समय में ही उस पर रिश्वतखोरी के आरोप लगना विभाग के लिए भी सवाल खड़े करता है। शिकायतकर्ता मनीष का अपनी पत्नी से मुकदमा चल रहा था।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप थाने के भीतर हुई इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में खलबली मच गई। साथी पुलिसकर्मी भी अचानक हुई इस कार्रवाई से हैरान रह गए। घटना पूरे दिन पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी रही।
ये था मामला एंटी करप्शन टीम आरोपी दरोगा के खिलाफ कंकरखेड़ा थाने में वैधानिक कार्रवाई कर रही है। आगे की जांच के बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह गिरफ्तारी साफ संदेश है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
मेडिकल थाना क्षेत्र निवासी मनीष का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। उसी संबंध में संपत्ति को लेकर मुकदमा चल रहा है, जिसको सैटल करने के लिए छत्रपाल ने मनीष से 10 हजार रुपयों की मांग की थी। यही रकम लेकर मनीष थाने पहुंचा, तभी जाल बिछाकर आरोपी दरोगा को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

