
महाराष्ट्र के भिवंडी में दर्दनाक हादसा
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी स्थित बालाजी नगर में 31 जुलाई 2026 की देर रात एक बड़ा हादसा हुआ, जब चार मंजिला कोहिनूर इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, हादसा रात करीब 11:30 बजे हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि इमारत से कुछ घंटे पहले ही दरारों और तेज आवाजों की सूचना मिली थी। एहतियात के तौर पर कई परिवार बाहर निकल गए थे, लेकिन कुछ लोग अभी भी भवन के अंदर मौजूद थे। इसी दौरान इमारत का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया।
इमारत पहले से थी जर्जर
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, कोहिनूर इमारत को पहले ही खतरनाक (Dangerous) घोषित किया जा चुका था। इमारत में कुल 48 कमरे थे और हादसे के समय मरम्मत का कार्य भी चल रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि भवन की स्थिति लंबे समय से खराब थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी
हादसे के तुरंत बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी, स्निफर डॉग और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी है। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जांच के दायरे में बिल्डिंग मालिक और जिम्मेदार लोग
प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि खतरनाक घोषित होने के बावजूद इमारत में लोग क्यों रह रहे थे और मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। संबंधित अधिकारियों और भवन मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
भिवंडी में पुराने भवनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर संरचनात्मक निरीक्षण, खतरनाक भवनों को खाली कराना और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष
भिवंडी का कोहिनूर इमारत हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी भवन सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर है और मृतकों की संख्या में बदलाव संभव है क्योंकि बचाव कार्य अभी जारी है। हादसे की जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

