
हर साल गणेशोत्सव का इंतजार महाराष्ट्र और खासकर कोकण के लोगों को बेसब्री से रहता है। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, पुणे और आसपास के इलाकों में रहने वाले लाखों लोग इस दौरान अपने गांव लौटते हैं ताकि परिवार के साथ भगवान गणेश का स्वागत कर सकें।
लेकिन हर साल एक ऐसी समस्या सामने आती है, जो त्योहार की खुशी को चिंता में बदल देती है—रेलवे टिकट की उपलब्धता।
सुबह 7:55 बजे से शुरू हो जाता है इंतजार
गणपति सीजन की टिकट बुकिंग वाले दिन हजारों यात्री सुबह 7:55 बजे से ही IRCTC ऐप और वेबसाइट पर लॉगिन कर लेते हैं। यात्री का नाम, यात्रा की जानकारी और पेमेंट की तैयारी पहले से पूरी रहती है।
लेकिन जैसे ही सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होती है और लोग टिकट बुक करने के लिए क्लिक करते हैं, कई यात्रियों को तुरंत “REGRET” या लंबी वेटिंग लिस्ट दिखाई देती है। कुछ ही मिनटों में अधिकांश सीटें भर जाती हैं।

इन ट्रेनों में सबसे ज्यादा रहती है भीड़
गणेशोत्सव के दौरान कोकण रेलवे मार्ग पर चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं—
- कोकण कन्या एक्सप्रेस
- मांडवी एक्सप्रेस
- तेजस एक्सप्रेस
- जनशताब्दी एक्सप्रेस
- मत्स्यगंधा एक्सप्रेस
- नेत्रावती एक्सप्रेस
- मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस
- तुतारी एक्सप्रेस
- दिवा–सावंतवाड़ी एक्सप्रेस
- अन्य गणपति स्पेशल ट्रेनें (घोषणा के अनुसार)
इन ट्रेनों में टिकट मिलना हर साल यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

आम यात्रियों की परेशानी
कई परिवार पूरे साल गणेशोत्सव का इंतजार करते हैं। लेकिन टिकट नहीं मिलने के कारण उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ती है या फिर बस और निजी वाहनों से महंगे किराए पर सफर करना पड़ता है।
यात्रियों का कहना है कि जब रेलवे को हर साल गणेशोत्सव के दौरान बढ़ने वाली भीड़ की जानकारी पहले से होती है, तो अतिरिक्त ट्रेनें और कोच पहले से उपलब्ध कराने की योजना क्यों नहीं बनाई जाती?
यात्रियों की मांग
कोकण जाने वाले यात्रियों की मांग है कि—
- गणेशोत्सव से पहले पर्याप्त गणपति स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं।
- प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएं।
- टिकटों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल सके।
- त्योहार के दौरान यात्रा प्रबंधन को और बेहतर बनाया जाए।
निष्कर्ष
गणेशोत्सव सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और परिवार से जुड़ने का अवसर है। ऐसे में यदि समय रहते पर्याप्त रेल व्यवस्था की जाए, तो लाखों यात्रियों की यात्रा आसान हो सकती है।
उम्मीद है कि इस वर्ष रेलवे यात्रियों की मांग पर सकारात्मक कदम उठाएगा और अधिक लोगों को अपने घर पहुंचकर बप्पा का स्वागत करने का अवसर मिलेगा।



हर साल गणपति के समय यही परेशानी होती है। 8 बजे बुकिंग शुरू होते ही टिकट खत्म हो जाती है। 🥲